aaj_ke_jawan_20_11_2017

आज के जवान

“हे जवान, अपनी जवानी मेँ आनन्द कर, और अपनी जवानी के दिनोँ मेँ मगन रह; अपनी मनमानी कर और अपनी आँखोँ की दृष्टि के अनुसार चल परन्तु यह जान रख कि इन सब बातोँ के विषय परमेश्वर् तेरा न्याय करेगा।

अपने मन से खेद और अपनी देह से दुःख दूर कर, क्योँकि लडकपन और जवानी दोनो व्यर्थ है” ।

“अपनी जवानी के दिनोँ मेँ अपने सृजनहार को स्मरण रख, इस से पहिले विपत्ति के दिन और वे वर्ष आएँ, जिन मेँ तू कहे कि मेरा मन इन मेँ नही लगता” । – सभोपदेशक 11:9-10; 12:1.

आइए हम प्रार्थना करेँ: “है पीता परमेश्वर आज इस् वचन पर आपकि आशिश चाहते हैँ, जो ही पढे आज इस वचन को उसके जीवन मे ये सो गुनाह फल आये। यीशु मसिह के मधूर नाम मे आमिन।

“भाई और बहन आज का ये वचन  न केवल जवान बच्छे से बात कर्ता है, बल्कि हर एक इंसान से बात् कर रहा है। क्योंकि जब तक इंसान जिन्दा रहता है, वो अपनी जिन्दगि को अपने ढंग से जीना चाहता है। चाहे वो कोइ विश्वासि ही क्योँ न हो या प्रभु का दास्। और परमेश्वर ने हर एक को आजाद मर्जि भी दी है। इंसान जो कुछ भी चाहे करे, अपने जीवन मे एक न एक दिन जो जो उसने किया है उन सब का सामना करना होगा, यहाँ भी दूनिया मे जो कुछ इंसान बोता है, वो काट्ना पडता है उसे और इस दूनिया से जाने के बाद भी। ये परमेश्वर का प्रेम है कि वो इस वचन के द्धारा हर एक को चेतावनि दे रहे हैँ। भाई और बहन ये समय् है परमेश्वर के अनुग्रह का। हाल्लेलुयाह। परमेश्वर के अनुग्रह समय चल रहा है, जिसकि अंत नहि, आमिन। दूनिया मे हर एक को अपने जवानी के दिन याद पसन्द आते हैँ, कोइ भी पुराना नहि होना चाहता। ये वो समय होता है, जब इंसान शारिरिक तौर पर मजबूत होता है और मन मे जोस होता है, और जीवन मे कुछ कर गुजारने के सपने। इसलिए जो सही ढंग से अपनी जीवन को चलाते हैँ वो उस मुकाम को पा भी लेते हैँ, लेकिन जो सहि ढंग से और सहि निर्देश मे नहि चलते वो लोग जवान होने के बाद ज्यादा परेशानि मे पढने लग गये हैँ। आज कल किसि को पढाइ कि चिंता, बहूत सारा पैसा चाहिए सबको, जीन्दगी मे कुछ बन्ने कि चिंता, किसि को शादि कि चिंता और किसि को अपने लडकी दोस्त को खूश रखने कि चिंता। सहि कहा न मैने ? परमेश्वर चाहता है कि, उसके बच्छे हमेशा खूश रहे। पवित्र शास्त्र केह्ता है : “वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थोँ से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब की नाई नई हो जाती है”। – भजन सहिंता 103:5, ऐसा वचन मे कहीँ नही लिखा कि तुम खूश न रहो, हमे धर्म का काम नहि करना है, बहूत सारे लोग धर्म मे जीते हैँ, नियम कि लम्बि लिस्ट दे देते हैँ और बहुत सारे जवान लोग तो ये समझते हैँ कि परमेश्वर के राह पर चल के वो खूश नहि रह पायेंगे, उनको अपनी खूशियाँ कि कुरबानि देनि होगी इसलिए वो अपनी ईच्छा खुद बना लेते हैँ।  वैसे भी भाई और बहन पचीश (25) साल तक इंसान का बचपन समय गिना गया है, इस आयु मे किसी को फिकर नही होनी चाहिये, खूशि रेहना है, जैसे फूल होते हैँ, फूल को देख के सब खूश होते हैँ, इस तरह इस जहाँ के युवा लोग हैँ। मैँ आपको बताना चाहता हूँ कि, क्योँ जवान लोग चिंता परेशानि मे पढ जाते हैँ? भाई और बहन सोलोमन एक राजा था दाऊद का पूत्र, जिसने ये सभोपदेशक किताब लिखि है। सोलोमन दूनिया का सबसे बुद्धीमान इंसान था ये उसको परमेश्वर कि तरफ से तौफा था। सोलोमन ने इंसान जीन्दगी को बहूत करीब से जाना समझा और देखा है और उसिका नतिजा है उसने तीन किताबेँ लिखीँ जो आम इंसान समझ नही पाते और कइ लोग तो गलत अर्थ भी निकाल लेते हैँ। वचन मे लिखा है “जवान अपनी जवानी मे खूश रह मगन रह..जवान लोग अपने दोस्त कि मंडली मे खूश रहते हैँ…क्योँकि वहाँ वो जो चाहे बोलते हैँ, घर आते ही वो माता पीता के सामने गँभीर हो जाते हैँ। कई जवान लोग अपनी खूशी मे इतने मगन हो जाते है की, घर के हालातोँ से कोइ मतलब नही रेहता। उन्हे पैसे चाहिये ताकि वो उन पैसे से अपनी खूसी खरीद सके। जो जवान लोग आजाद रेहना चाहते हैँ.. बहुत सारा जिन्हे पैसा चाहिये… सुन्दर लडकि दोस्त या लडका दोस्त चाहिये… वो हि लोग सैतान कि हित सूची मे आ जाते हैँ। पवित्र शाश्त्र मे यहि लिखा है कि जो चाहे जवान करे, जो दिल मे आये करे जैस जीना चाहता है जिये… लेकिन जिस दिन वो परमेश्वर विचार मे खडा होगा, उसे हर काम का हर बात का हिसाब परमेश्वर को देना होगा। सैतान भी हर एक बच्छे और् जवान के पिछे है, सैतान तरह – तरह के विचार उनके मनो मे डालता है,,,उनके मन से खेल खेलता है। मेरे भाई और बहन ये कोइ न सोचे कि परमेश्वर आपसे आपके जवानी के दिन लेके आपको बुढापे कि तरह ले जाता है.. नहि ऐसा नहि बिलकुल… ये धोका है जो सैतान ने सबको धोके मे रखा है। परमेश्वर अनुमति देता है कि, हर जवान खुश रहे लेकिन उनकि खुशी पाने कि रास्ते सहि करने होंगे बस। न्याय मे सबको खडा होना होगा जो लोग बुढापे मे हैँ लेकिन अलग उन्होने अपने जवानी के दिनो मे जो जो किया उसका हिसाब उनको भी देना पडेगा, चाहे कोइ इस वक़्त जवान है, बच्छा है, या बुढा है और ईंसान पाप मे ही जनम लेता है न पाप उसके खून मे है। जब तक कि खून से कोइ धोया ना हो जाये वो पापि कि सनतान ही रहता है। जो पाप उनके निडर बसा हुआ है, वहि उनहे पाप भरे रास्तोँ पर ले जाता है – “जवानी की अभिलाषाओँ से भाग ; और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैँ, उनके साथ धार्मिकता, और विश्वस, और प्रेम, और मेल – मिलाप का पीछा कर।“ – 2 तीमुथियुस 2:22, मेरे भाई और बहन अगर एक जवान प्रभु यीशु के खून से धोया गया है और प्रभु ने उसका हृदय, आत्मा मन सबको यीशु के खून से धोया है तो, उनके विचार उनका उठना बैठना बदल जाते है, क्योंकि जवान लोग शराब पीना चाहते हैँ, बहूत सारे लोग चरित्र के खराब हो जाते हैँ, क्योंकि सोते उठते, बैठते उनका मन मे गन्दि सोचेँ आति है, जैसे जैसे जवान लोग सोचते हैँ, उनको ये चाहिये वो चाहिये, कई लोग माता पीता से झगडा करके पैसे लेते हैँ फिर उस पैसे को गलत कामो मे उजाढ देते हैँ । सैतान हर एक जवान बच्छे के मन से बात करता है, उसके मन मे बगावत के बीज बो देता है, उसके मन मे शारिरिक अभिलषा भर देता है। एक तो जब बच्छे पैदा होते हैँ, उनको जो जो शिक्षा अपने माता – पीता से मिलति है, वो उसि तरिके से आगे बढते हैँ। जैसा बीज बोया जाता है उनके जीवोनो मे वहि आगे फल लाता है। वचन कहता है लड्के को उसि मार्ग कि शिक्षा दे जिसमे उसको चलना चाहिये। हमारि पहला स्कूल हमारा अपना घर है, माता – पीता अगर बच्छे के लिये अच्छे उद्धाह्रण नहि पेस करते तो वो अपने बच्छोँ के लिये सहि नहि करते। “हे मेरे पुत्रोँ, पिता की शिक्षा सुनो, और समझ प्राप्त करने मेँ मन लगाओ”। – नितिवचन 4:1 । बहूत सारे जवान बच्छे घरो मे जो कुछ होता है वहि मनो मे लिये घुस्से, क्रोध, कढ्वाहट से भरे रहते हैँ, और् वहि वो आगे फैलाते जाते हैँ, शैतान जवान के मन मे डालता है कि वो इतना खूबसुरत नहि है, तो वो हर कोशिश करता है कि मैँ किसि तरह खूबसुरत लगूँ, लड्कियोँ के मन मे भी यहि आता है। शैतान अपने हर तमन्ना को पुरि करने के लिये जवानो को अपने नियंत्रन मे कर लेता है, उनको मनो से बात करता है, उनकि शरिर को नियंत्रन करता है, और् वो अपने चरित्र खराब कर लेते हैँ, शैतान उन्हे जुआ, खैनि , ड्रग्स खाने के लिये जवान के मन मे डालता है। जिन जवानो को पैसे चाहिये, शैतान उनको पैसे के लालच मे अपने नियंत्रन मे कर लेता है और ऐसे लोग पैसे के लिये कुछ भी करने को तेयार् हो जाते हैँ। जवान बस आगे मे हे अगर किसि भी जवान से बात करो तो पता चलता हे कि, वो लोग कितने डिप्रेशन से गूज़र रहे होते हैँ। उनके मनो मे हीन भावना होति है, कुछ जवान अपने आप को असफलता समझने लगते हैँ, और कुछ जवान असफलता को सम्भालना नहि कर पाते और अपनि ज़िन्दगि का अंत कर देते हैँ, और सदा के लिये नरख मे चले जाते हैँ। मरे भाई और बहन एक जवान उस बेल कि तरह होता है जो नये पौधे से निकल्ति है, उसे सहि दिसा मे लगाया जाये तो जल्दि बढ्ति है और दिखने मे सुन्दर लगति है। हमारे समाज के जवान गलत दिसा मे इस्लिये जा रहे हैँ क्योंकि उनको सहि मार्ग्दर्शन देने वाला कम लोग हैँ। घरोँ मे जीवन व्यस्त होने के कारण उनके सवालोँ के जवाब कोइ नहि देता। उनको लोग नहि समझते जो चाहे वो अपनि जीवन मे कर सकता है, इसे बिगाडे या सँवारे, सायद कुछ लोग को पता नहि की ये जिन्दगी परमेश्वर की दि हुइ है और इसपर परमेश्वर का अधिकार है। परमेश्वर हमारे अन्दर रहना चाहता है, हमारा शरिर परमेश्वर का मन्दिर है। परमेश्वर के राज्य मे सब जवान होंगे, वहाँ कोई जवान बच्छा या बुढा नहि होगा, वहाँ सब एक जैसे होँगे । “क्योंकि जी उठने पर विवाह – शादी न होगी; परन्तु वे स्वर्ग मेँ दूतोँ के समान होँगे। – मत्ति 22:30 । हाल्लेल्लुया, दुनिया मे ये जो हमारा डेरा है इसमे ह्म अपने शरीरोँ को परमेश्वर के हाथ मे देना है, अपने हृदय आत्मा मन देह को, जो बच्छे जवान यीशु मे जीवन बिताते हैँ वो अपनि जीवन को ज्यादा आनन्द करते हैँ, वो गुलामि मे नहि जीते उनके अन्दर आजादि और खुसि हर्ष होता है जो परमेश्वर उन्हे देता है। जो लोग अपनि मर्जि से जीते हैँ, वचन के अनुसार नहि जीते, अपने शरिरोँ अपवित्र कर देते हैँ, ऐसा समय आता है कि वो निराशा मे जीने लगेंगे, कुछ लोग बिमारियोँ का शिकार हो जाते हैँ। कुछ सदा के लिये अन्धकार को हि अपना लेते हैँ, और शैतान उन पर राज करता है। हालाकि वो उस जीवन से खुश नहि होते लेकिन उन्हे मजबूर जीना पढ्ता है। “जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन का पालन करने से”। भजन सहिंता 119:9 “कोई तेरी जवानी को तुच्छ् न समझने पाए ; पर वचन, चाल चलन, प्रेम, विश्वस, और पवित्रता मेँ विश्वासियोँ के लिये आदर्श बन जा”। 1 तीमुथियुस 4:12 । मेरे प्यारे भाई और बहन आज ही वो समय है कि सब अपने आपको परीक्षा करेँ जांचे और प्रभु के चरनो मे आ जायेँ तौबा करेँ और परमेश्वर को अपनी जीवन मे काम करने देँ। आज के वचन के द्धारा पिता परमेश्वर आपको बहूत आशीश दे। प्रभु यीशु के मिठे नाम मे “आमेन”

अधिक जानकारि के लिये पवित्र शाश्त्र पढेँ । प्रार्थना या सूसमाचार मीटिंग्, परिवारिक मीटिंग, क्रुसेड के लिये हमे सम्पर्क करे :

हमारा ई मैल: foreverlifeministries@gmail.com

Website: www.flmsunabeda.ltainow.com

13,884 Responses